खत उसके नाम

मेरी प्यारी .......,
उम्मीद है तुम ठीक होगी।
आज अकेले बैठा था तो अचानक मुझे वो दिन याद आ गया जब हम मंदिर में मिले थे। याद है तुम्हें? जब तुमने मेरे माथे पर टीका लगाया था। सच कहूँ रेशमी, उस पल जब तुम्हारा हाथ मेरे माथे पर लगा था, मुझे ऐसा महसूस हुआ था जैसे मैंने दुनिया की सारी खुशी पा ली हो। वो सिर्फ एक टीका नहीं था, मेरे लिए वो तुम्हारा अपनापन और प्यार था, जिसे मैं आज तक महसूस करता हूँ।
मैं जानता हूँ कि अभी हालात ऐसे हैं कि हम चाह कर भी मिल नहीं पा रहे हैं। कई बार मैं भी बेचैन हो जाता हूँ, तुमसे मिलने के लिए तड़पता हूँ। लेकिन फिर मंदिर वाला वो पल और तुम्हारा वो प्यार भरा चेहरा याद करके खुद को समझा लेता हूँ।
मुझे बस तुम्हें यह याद दिलाना है कि चाहे हम अभी न मिल पाएं, लेकिन मेरा दिल हमेशा तुम्हारे पास ही रहता है। इन मजबूरियों की वजह से तुम कभी ये मत सोचना कि मेरा प्यार कम हो गया है। मैं इंतज़ार करूँगा, उस दिन का जब हम फिर वैसे ही मिलेंगे।
अपना खयाल रखना, क्योंकि तुम मेरे लिए बहुत कीमती हो।
सिर्फ तुम्हारा,
केशव

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