dairy thought

कुछ पुरानी तारीखों पर नज़र फेरता हूं तो एहसास होता है कि आज के अपेक्षा वह वक्त सुकूनमय था, अब तो ज्यों ज्यों समय बीतते जा रहा है लोग पीछे छूटते जा रहे या फिर आगे निकलते जा रहे, वास्तव में परिवर्तन बहुत आवश्यक है, आखिर कब तक मैं एक मुहाने पर खड़ा लोगों का इंतज़ार करता रहूंगा। 🙇

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